Sunday, June 21, 2009

तुम्हारे लिए


जब बारिश की पहली बूंदों से

मिटटी से खुशबू आती है

मुझे तुम्हारी याद आती है


जब ठंडी हवा उड़ती हुएं

मेरे कानो में कुछ बुदबुदा जाती है

मुझे तुम्हारी याद आती है


जब इस दुनिया की भीड़ में

ख़ुद को तनहा पाती हूँ

मुझे तुम्हारी याद आती है


जब झगड़ कर गुस्से से

फ़ोन मैं रख देती हूँ

मुझे तुम्हारी याद आती है


जब रात को इन आंखों से

नींद दूर भागती है

मुझे तुम्हारी याद आती है


जब ख़ुद को ख़ुद से

खफा पाती हूँ

मुझे तुम्हारी याद आती है


जब एक बच्चे की हस्सी से

चहरे पे मुस्कान आती है

मुझे तुम्हारी याद आती है


This is for him. My best friend, my confidante, my soulmate, my love.

1 comment:

Ranjish Hi Sahi said...

ahem ahem....
o my my...
i tell u honestly, i m jealous of the guy...
the kinda love and respect he enjoys, anyone wud die for it...
very nice...
may god bless u both...